गणतंत्र दिवस 26 जनवरी Republic Day

दोस्तों आज फिर से आपका www.newsdunia.in में स्वागत है आज हम आपको बताएंगे की गणतंत्र दिवस किस दिन और क्यों मनाया जाता है और इसकी बनाने की विसेसता क्या क्या है !

गणतंत्र दिवस 26 जनवरी

आप सभी यह तो जानते ही है की जनवरी तो आ ही गया है तो इसका मतलब है की 26 जनवरी यानि की गणतंत्र दिवस भी आने वाला है हमारे पास कुछ कैंडिडेटों के लिए कुछ ऐसे ही जानकारी है जिनकी आज के समय में सभी को बहुत जरुरत है हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे की यह क्यों मनाया जाता है किसकी याद में मनाया जाता है और कब मनाया जाता है इसके साथ ही हम आपको कुछ ऐसे भी जानकारी देंगे जो की शायद आप नहीं जानते होंगे और जिसका जानना आपके लिए बहुत जरुरी है हम आज के समय के सभी विधार्थियो के बारे में सोचते हुए उन सब ही के लिए भी इसमें स्कूल में देने योग्य भासन भी निचे लिख रहे है जिसको कोई भी विद्यार्थी स्कूल में बेझिझक खड़ा होकर बोलता है !

26 जनवरी Republic Day गणतंत्र दिवस

जब हमारा देश अंग्रेजो के गुलाम था तब साल 1927 के समय पर भगत सिंह और भारत गणतंत्र संघ की भारत की राजनीति में मांग बढ़ा रहे थे आप सभी को यह तो पता ही होगा की भगत सिंह की फौज कांग्रेस से अलग थी जिसमे पूरी आजादी की बात सुनकर भगत सिंह की फौज खुश नहीं थी जिसके चलते भगत सिंह की फौज ने कांग्रेस सरकार से पूरी आजादी की बात रखी इसके चलते कांग्रेस को जो युवा नेता जैसे सुभाष चंद्र बॉस और जव्हार लाल नेहरू और सभी युवा नेता ने भी इस बात से सहमत होकर यह बात कांग्रेस सरकार के आगे राखी पर इस बात को माना नहीं गया मतलब यह बात उनकी सुनी ही नहीं गयी !

फिर दिसंबर 1928 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने प्रमुख राजयो की मांग करते हुए एक प्रस्ताव रखा और ऐसा करने के लिए ब्रिटिश गॉवर्मेँट को कुछ समय भी दिया गया जिसकी अवधि एक वर्ष दी पर ब्रिटिश सरकार ने इसको भी नकार दिया और यह कह दिया की अभी वो ऐसा करने के लिए तैयार नहीं है यह बात कांग्रेस सरकार को बहुत बुरी लगी जिसके चलते कांग्रेस सरकार ने लाहौर में 1929 में एक अधिवेशन में नेहरू ग को अध्यक्ष चुन लिया गया इसमें कांग्रेस सरकार ने प्रमुख राज्यों से अलग पूर्ण स्वराज्य के लिए वोट कर दिया !

उसके बाद सन 1930 के जनवरी महीने के आखिरी सप्ताह के रविवार को पहली बार स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया इस दिन यह रविवार 26 जनवरी को पड़ा इस दिन जव्हार लाल नेहरू ने रवि नदी की किनारे पहली बार तिरंगा फहराया इस तरह पहली बार 1930 में पहली बार स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया पर सबसे बड़ी प्रॉब्लम अभी भी थी की अभी तक ब्रिटिश अभी तक भारत में थे वो अभी भी छोड़ कर नहीं गए थे !

 

26  जनवरी Republic Day गणतंत्र दिवस क्यों मनाया जाता है

आप सभी को यह तो पता ही होगा की भारत को पहली बार 15 अगस्त 1947 आजादी मिली हमारी संविधान सभा का गठन 1946 में हुआ और इसको बनने में काफी समय लगा जो की २६ जनवरी 1949 को बनकर तैयार हुआ फिर भी उस समय जो नेता थे उन्होंने दो महीने और रुकने का निंर्णय किया और उसके बाद फिर 26 जनवरी 1950 को गणतंत्र दिवस बनाया गया और उसका बाद से आज के समय तक हर बार 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस के रूप में ही मनाया जाने लगा और इसी दिन से भारत में अपना संविधान यानि नया संविधान भी लागु किया गया !

गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि

मुख्य अतिथि के नाम और उनके पद सम्बन्धित देश वर्ष
सुकन्रो, राष्ट्रपति इंडोनेशिया 1950
1951
1952
1953
जिग्मे दोराजी वाँगचुक, राजा भूटान 1954
मलिक गुलाम मोहम्मद, गर्वनर जनरल पाकिस्तान 1955
1956
1957
यि जियानयिंग, मार्सल चीन 1958
1959
किल्मेंट वोरोसिलोव, राष्ट्रपति सोवियत संघ 1960
एलिजाबेथ द्तीय, रानी यूके 1961
1962
नोरोदम सिनोक, राजा कंबोडिया 1963
1964
राना अब्दुल हामिद, खाद एवं कृषि मंत्री पाकिस्तान 1965
1966
1967
एलेक्सी कोजीगिन, प्रधानमंत्री सोवियत यूनियन 1968
जोसिप ब्रज टीटी, राष्ट्रपति युगोस्लाविया 1968
टोडर जिकोव, प्रधानमंत्री बुल्गारिया 1969
1970
जूलियस नोयरेरे, राष्ट्रपति तंजानिया 1971
सिवुसागर रामगुलाम, प्रधानमंत्री मारोसस 1972
मोबूतु सेस सिको, राष्ट्रपति जेरे 1973
जोसिप ब्रोज टीटी, राष्ट्रपति यूगोस्लाविया 1974
सिरीमावो रत्वत्ते दियास बंदरनायके, प्रधानमंत्री श्रीलंका 1974
केनेथ कोंडा, राष्ट्रपति जांबिया 1975
जैक्स चिराक, प्रधानमंत्री फ़्रांस 1976
एडवर्ड गिरेक, प्रथम सचिव पोलैंड 1977
पैट्रिक हिलेरी, राष्ट्रपति आयरलैंड 1978
मलकोलम फ्रेजर, प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया 1979
वलेरी गिस्कॉर्ड द इस्टेइंग, राष्ट्रपति फ़्रांस 1980
जोस लोपेज पोरेटिल्ली, राष्ट्रपति मैकिसको 1981
जॉन कार्लोस प्रथम, राजा स्पेन 1982
सेहु सगारी, राष्ट्रपति नाइजीरिया 1983
राजा जिग्मे सिंधे वांगचुक भूटान 1984
रॉल अल्फोनिसन, राष्ट्रपति अर्जेंटीना 1985
एंड्रियास पपंड्रियू, प्रधानमंत्री ग्रीस 1986
ऐलेन गस्रिया, राष्ट्रपति पेरू 1987
जूनियस जयवर्धने, राष्ट्रपति श्रीलंका 1988
गुयेन वैन लिंह वियतनाम 1989
अनिरूद्ध जुगनोत, प्रधानमंत्री मॉरीशस 1990
मौमून अब्दुल गयूम, राष्ट्रपति मालदीव 1991
मारियो सोर्स, राष्ट्रपति पुर्तगाल 1992
जॉन मेजर, प्रधानमंत्री यूके 1993
गोह चौक टोंग, प्रधानमंत्री सिंगापूर 1994
नेल्सन मंडेला, राष्ट्रपति दक्षिण अफ्रीका 1995
डॉ फरनॉनडो हेनरिक कारडोसो, राष्ट्रपति ब्राज़ील 1996
बसदियो पांडेय, प्रधानमंत्री त्रिनिनाद और टोबेगो 1997
जैक्स चिराक, राष्ट्रपति फ़्रांस 1998
राजा वीरेंद्र वीर विक्रम शाह देव नेपाल 1999
ओलुसेगुन ओबाझांजी, राष्ट्रपति नाइजीरिया 2000
अब्देलाजीज बूटेफिलका, राष्ट्रपति अलजीरिया 2001
कसामयतीम, राष्ट्रपति मॉरीशस 2002
मोहमममदम खतामी, राष्ट्रपति ईरान 2003
लुइज इनेसियो लूला द सिल्वा, राष्ट्रपति ब्राज़ील 2004
जिग्मे सिंधे वांगचुक, राजा भूटान 2005
अब्दुल्ला बिन अब्दुल्लाजीज अल-सऊद, राजा सऊदी-अरेबिया 2006
ब्लादिमीर पुतिन, राष्ट्रपति रूस 2007
निकोलस सरकोजी, राष्ट्रपति फ़्रांस 2008
नूरसुलतान नजरबयेव, राष्ट्रपति कजाकिस्तान 2009
ली म्यूंग बक, राष्ट्रपति कोरिया गणराज्य 2010
सुसीलो बमबंग युद्धोयुनो, राष्ट्रपति इंडोनेशिया 2011
यिंग्लुक शिनवात्रा, प्रधानमंत्री थाईलैंड 2012
जिग्मे केसर नामग्याल वांगचुक, राजा भूटान 2013
शिंजो आबे, प्रधानमंत्री जापान 2014
बराक ओबामा, राष्ट्रपति यूएसए 2015
फ्रांस्वा ओलांद, राष्ट्रपति फ़्रांस 2016
शेख मोहमद बिन जायेद अल निहन, क्राउन प्रिंस अबुधाबी 2017

गणतंत्र दिवस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • भारत का संविधान 10:18 मिनट पर 26 जनवरी 1950 को लागु किया गया था !
  • गणतंत्र दिवस की पहली परेड दिल्ली के राजपथ पर 26 जनवरी 1955 को हुई थी !
  • 26 जनवरी 1930 की पूर्ण स्वराज्य को यद् रखते हुए ही 26 जनवरी १९५० को संविधान लागु किया गया था!
  • भारतीय संविधान बनते समय उसकी प्रतिलिपि डो भाषा में लिखी गयी है हिंदी और अंग्रेजी !
  • इसकी प्रतिलिपि आज भी संसद भवन के पुस्तकालय में बहुत अच्छे तरीके से सुरक्षित रखी हुई है !
  • आप सभी यह तो जानते ही होंगे की भारत के सबसे पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद थे जिन्होंने 26 जनवरी 1950 को गोवेर्मेंट हाउस में शपथ ली !
  • गणतंत्र दिवस वाले दिन हमेसा ही राष्ट्रपति ही झंडा फहराते है और उसी समय 21 तोपों की सलामी भी दी जाती है !
  • इस दिन अम्र ज्योति पर शहीदो को श्रद्धांजलि भी दी जाती है जिसके कार्यकर्ता प्रधानमंत्री होते है !

69 वे  गणतंत्र दिवस  के लिए भाषण

मेरी आदरणीय प्रधानाध्यापक , मेरे आदरणीय अध्यापक और अध्यापिका और मेरे सभी साथियो को ..नाम .. नमस्कार। गणतंत्र दिवस के मोके पर मेरे द्वारा कुछ बोलने के लिए जो आप सभी ने मुझे चुना है उसके लिए मई आप सही का बहुत-बहुत आभारी हु मई आपको बता दू की मेरा नाम ……. है और मै कक्षा ….. में पढता हु आज मै आपको कुछ गणतंत्र दिवस के बारे में बताने जा रहा हु करपिया करके ध्यान लगाकर सुने !

आज, हम यह पर अपने 69 वे गणतंत्र दिवस को बनाने के लिए एकत्रित हुए है हम सभी के लिए यह बहुत बड़ा अवसर है इस दिन हमे एक दूसरे को गणतंत्र दिवस की बंधे देनी चाहिए और देश पर कुर्बान हो गए शहीदो को भी यद् करना चाहिए हमारे देश का संविधान पहली बार 26 जनवरी 1950 को लागु किया गया था उसके बाद से ही प्रतिवर्ष २६ जनवरी को ही गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है !

डॉ राजेंद्र प्रसाद के बारे में तो आप सभी ने सुना ही होगा की डॉ राजेंद्र प्रसाद भारत के प्रथम राष्ट्रपति थे जब से हमारे देश आजाद हुआ है उस समय के बाद से हुआरे देश ने बहुत विकास किया है जिसके फ़लस्वरूप हमारे देश का नाम भी आज के समय में उचकोटी के देसो में गिना जाने लगा है और आगे भी हमे ऐसे ही मेहनत करके अपने देश का नाम ऊँचा करते रेहान है केवल हमे यह ही प्रण अपनाकर हमेशा आगे बढ़ते चलते जाना चाहिए !

धन्यवाद, जय हिन्द

मेरा भारत महान !

अगर आप को मेरे द्वारा दी गयी जानकारी में कोई भी गलती मिलती है तो कृपया करके कमेंट के द्वारा जानकारी जर्रोर दे और अगर आप को पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर जरूर करे !

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